क्षत्रिय समाज की संस्कृति आदिकाल से हमको प्रेरित करती आ रही है। हम शक्तिशाली हैं और हमारी संस्कृति महान है, इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि हम संगठित हों। जब हम संगठित होंगे तो समाज व देश सबल बनेगा।
इतिहास गवाह है, जब-जब क्षत्रिय एक विचार से आगे बढ़ा है तब देश-धर्म का शानदार नेतृत्व किया है। इसलिए आप सभी से सादर आह्वान है कि क्षात्र धर्म एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए आगे बढ़ें और…
इस कार्यक्रम में भामाशाह मेघराज रॉयल सिंह पधारेंगे और उनके साथ इतिहास के विशेषज्ञ भाई शक्ति सिंह जी बांदीकुई
इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे
