आगरा: UGC के नए नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरी करणी सेना, बाह SDM को सौंपा ज्ञापन
आगरा (बाह): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर प्रदेश भर में जारी विरोध की आग अब ताजनगरी के ग्रामीण अंचलों तक पहुँच गई है। गुरुवार को आगरा के बाह तहसील में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और UGC के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
प्रमुख माँगें और विरोध का कारण
करणी सेना के पदाधिकारियों का आरोप है कि UGC द्वारा प्रस्तावित नए नियम (UGC Act 2026) सवर्ण समाज के हितों के साथ खिलवाड़ हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को ‘काला कानून’ करार देते हुए कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा करने वाला और राष्ट्र को विभाजित करने की साजिश है।
SDM को सौंपा ज्ञापन
तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन करने के बाद करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने बाह उपजिलाधिकारी (SDM) को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से निम्नलिखित माँगें रखी गईं:
UGC के विवादित नए नियमों को तुरंत वापस लिया जाए।
शिक्षा नीतियों में सवर्ण समाज के छात्रों के हितों का ध्यान रखा जाए।
नियमों में संशोधन कर समानता के अधिकार का पालन किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 48 घंटों के भीतर इन नियमों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा के लिए करणी सेना किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
नोट: इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बाह तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है।
