आगरा: LDB बैंक से पीड़ित किसान कल करेंगे कलेक्ट्रेट का घेराव, बड़े आंदोलन की चेतावनी
आगरा। उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास बैंक (LDB) की कार्यप्रणाली और कथित उत्पीड़न से त्रस्त किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अपनी विभिन्न मांगों और बैंक द्वारा की जा रही रिकवरी की सख्त प्रक्रियाओं के विरोध में पीड़ित किसान 19 जनवरी को आगरा कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
किसानों का आरोप है कि भूमि विकास बैंक (LDB) द्वारा पुराने ऋणों पर भारी ब्याज वसूला जा रहा है और कई मामलों में बिना उचित नोटिस के उनकी जमीनों की कुर्की व नीलामी की धमकियां दी जा रही हैं। किसानों का कहना है कि वे पहले ही प्राकृतिक आपदाओं और आलू की फसल के गिरते दामों से आर्थिक संकट में हैं, ऐसे में बैंक का सख्त रवैया उन्हें आत्महत्या की कगार पर धकेल रहा है।
मुख्य मांगें:
ब्याज माफी: किसानों के ऋण पर लगे अतिरिक्त दंड ब्याज (Penalty) को माफ किया जाए।
नीलामी पर रोक: कर्ज न चुका पाने वाले किसानों की भूमि की नीलामी की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे।
आसान किस्तें: ऋण अदायगी के लिए किसानों को आसान किस्तों की सुविधा दी जाए।
बिचौलियों पर लगाम: बैंक और प्रशासन के बीच सक्रिय बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई हो जो किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
प्रशासनिक सतर्कता
19 जनवरी को होने वाले इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट पर है। कलेक्ट्रेट परिसर और एमजी रोड के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
“हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने कलेक्ट्रेट जा रहे हैं। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकता है।”
— किसान प्रतिनिधि
