कानपुर के पनकी स्थित HDFC बैंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। शुरुआत में इस वीडियो को लेकर बैंक कर्मचारी आस्था सिंह को काफी ट्रोल किया गया, लेकिन अब मामले में एक नया मोड़ सामने आया है।
यहाँ इस पूरी घटना का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
वायरल वीडियो और विवाद का मुख्य बिंदु
शुरुआती वीडियो: सोशल मीडिया पर एक क्लिप वायरल हुई जिसमें आस्था सिंह एक ग्राहक से बहस करती नज़र आ रही हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी ‘ठाकुर’ जाति का ज़िक्र किया, जिसे लेकर इंटरनेट पर उनकी काफी आलोचना हुई।
आरोप: वीडियो देख रहे लोगों ने उन पर बदतमीजी और जातिगत अहंकार दिखाने का आरोप लगाया।
आस्था सिंह का पक्ष: “अधूरी सच्चाई”
वीडियो वायरल होने के बाद आस्था सिंह ने खुद सामने आकर सफाई दी और पूरी घटना का खुलासा किया:
अभद्रता का दावा: आस्था ने बताया कि वीडियो में दिख रहा ग्राहक पिछले कई दिनों से बैंक आकर उनके साथ अभद्रता और छेड़खानी कर रहा था।
षड्यंत्र: उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राहक ने जानबूझकर उन्हें उकसाया और जब उन्होंने अपना बचाव किया, तो केवल उस हिस्से का वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके।
जाति का ज़िक्र: आस्था का कहना है कि उन्होंने जाति का ज़िक्र आत्मरक्षा और खुद को सशक्त दिखाने के लहजे में किया था, न कि किसी को नीचा दिखाने के लिए।
निष्कर्ष
यह मामला सोशल मीडिया पर “आधी जानकारी” के खतरों को दर्शाता है। जहाँ पहले जनता बैंक कर्मचारी को गलत मान रही थी, वहीं अब उनके पक्ष के सामने आने के बाद कई लोग आस्था के समर्थन में भी आ गए हैं। फिलहाल बैंक प्रबंधन इस मामले की आंतरिक जांच कर रहा है।
