UGC मामले पर BJP विधायक प्रतीक भूषण सिंह की नाराज़गी, बोले—इतिहास के दोहरे मापदंडों पर होनी चाहिए गहन विवेचना**
लखनऊ/गोंडा।
UGC से जुड़े नए नियमों को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच अब भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह के बड़े बेटे **प्रतीक भूषण सिंह** ने भी खुलकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है।
प्रतीक भूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए न केवल UGC के नियमों पर सवाल उठाए, बल्कि **इतिहास की व्याख्या और सामाजिक न्याय के मौजूदा दृष्टिकोण** पर भी गंभीर टिप्पणी की।
उन्होंने लिखा कि
“इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए।”**
बीजेपी विधायक ने अपने बयान में कहा कि एक ओर **बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों द्वारा किए गए भीषण अत्याचारों** को ‘अतीत की बात’ कहकर भुला दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर **भारतीय समाज के एक वर्ग को लगातार ‘ऐतिहासिक अपराधी’ के रूप में चिन्हित किया जा रहा है।**
प्रतीक भूषण सिंह ने इसे सामाजिक संतुलन के लिए घातक बताते हुए कहा कि
**“एक ही समाज के एक वर्ग को वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाना न तो न्यायसंगत है और न ही राष्ट्रहित में।”**
उनका इशारा UGC के नए नियमों और उनसे जुड़ी **Equity आधारित व्याख्याओं** की ओर था, जिन पर पहले भी कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है।
प्रतीक भूषण सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब UGC के नए प्रावधानों को लेकर शिक्षण संस्थानों, राजनीतिक गलियारों और सामाजिक मंचों पर **तेज़ बहस** चल रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बड़े राजनीतिक बयान सामने आ सकते हैं।
