“अभिमान का अपमान”: महाराणा प्रताप की समाधि बनी नशेड़ियों का अड्डा, मर्यादा तार-तार
🚩 शर्मनाक! क्या यही है महाराणा प्रताप को हमारा सम्मान? 🚩
उदयपुर के चावंड (बांडोली) स्थित महाराणा प्रताप की समाधि आज असामाजिक तत्वों का केंद्र बन चुकी है। जहाँ हमें नतमस्तक होना चाहिए, वहाँ शराब पार्टियाँ और गंदगी फैलाई जा रही है।
❌ समाधि स्थल पर शराब की बोतलें।
❌ गंदगी और मूत्र विसर्जन।
❌ अनैतिक गतिविधियों का अड्डा।
उदयपुर/चावंड: मेवाड़ के गौरव और अदम्य साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप, जिनकी वीरता की गाथाएं पूरी दुनिया में सुनी जाती हैं, आज उनकी अंतिम विश्राम स्थली (समाधि स्थल) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। चावंड के बांडोली स्थित प्रताप की समाधि पर पिछले कुछ वर्षों से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
शर्मनाक करतूतें और प्रशासन की अनदेखी:
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों का आरोप है कि इस पवित्र स्थल का उपयोग शराब पार्टियों के लिए किया जा रहा है। रात के अंधेरे में तो दूर, दिन के उजाले में भी यहाँ शराब की बोतलें और गंदगी बिखरी देखी जा सकती है। इससे भी अधिक विचलित करने वाली बात यह है कि इस ऐतिहासिक स्मारक का उपयोग मूत्र विसर्जन और अन्य अनैतिक गतिविधियों (कुकृत्यों) के लिए किया जा रहा है, जिससे इसकी पवित्रता पूरी तरह नष्ट हो गई है।
पुरातत्व विभाग की चुप्पी:
हैरानी की बात यह है कि करोड़ों के बजट और ‘पैनोरमा’ बनाने की घोषणाओं के बीच, मुख्य समाधि स्थल की सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त गार्ड हैं और न ही कोई पुख्ता घेराबंदी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो यह राष्ट्रीय धरोहर केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित रह जाएगी।
उदयपुर के चावंड (बांडोली) स्थित महाराणा प्रताप की समाधि आज असामाजिक तत्वों का केंद्र बन चुकी है। जहाँ हमें नतमस्तक होना चाहिए, वहाँ शराब पार्टियाँ और गंदगी फैलाई जा रही है।
❌ समाधि स्थल पर शराब की बोतलें।
❌ गंदगी और मूत्र विसर्जन।
❌ अनैतिक गतिविधियों का अड्डा।
यह सिर्फ एक स्मारक नहीं, हमारी अस्मिता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि यहाँ सुरक्षा बढ़ाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो!
